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जीरो टॉलरेंस की धज्जियां: ज़ोन-6 के मठाधीश सुपरवाइजरों की छत्रछाया में धड़ल्ले से अवैध निर्माण

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प्रदीप कुमार उपाध्याय

मुख्यमंत्री की सख्ती बेअसर, जिम्मेदार ही बन रहे संरक्षणदाता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति को प्रवर्तन ज़ोन-6 के मठाधीश सुपरवाइजरों ने मानो कागज़ों तक सीमित कर दिया है। आरोप है कि ज़ोन-6 के कुछ “मठाधीश” सुपरवाइजर खुलेआम अवैध निर्माण को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे शासन की सख्त मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नाका क्षेत्र में 4000 वर्गफीट पर अवैध कमर्शियल बिल्डिंग, नियमों की खुली अनदेखी

नाका थाना क्षेत्र के मोती नगर इलाके में गामा डेयरी और बृजवासी बेकरी के पास करीब 4000 वर्गफीट भूमि पर व्यावसायिक भवन का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण में न तो मानकों का पालन किया गया है और न ही सेटबैक छोड़ा गया है, जो सीधे तौर पर नियमों की धज्जियां उड़ाता है।

निरीक्षण में नहीं मिला मानचित्र, फिर भी नहीं रुका निर्माण

सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन ज़ोन-6 के अवर अभियंता ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां निर्माणकर्ता वैध मानचित्र तक नहीं दिखा सका। इसके बावजूद निर्माण कार्य पर कोई रोक नहीं लगाई गई, जिससे विभागीय मिलीभगत की आशंका और गहरी हो गई है।

 

नाका इलाके के मोती नगर में गामा डेरी व बृजवासी बेकरी के पास हो रहा अवैध निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है।

उपाध्यक्ष के आदेश हवा में, ज़मीनी हकीकत उलट

उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा सभी ज़ोनल अधिकारियों को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके, ज़मीनी स्तर पर आदेशों की अनदेखी साफ दिखाई दे रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुल रही है।

अधिवक्ताओं की शिकायत, अब भी कार्रवाई का इंतजार

मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ अधिवक्ताओं ने ज़ोनल अधिकारी से शिकायत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लेकिन सवाल यही है कि क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर अवैध निर्माण यूं ही संरक्षण पाता रहेगा?

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